Ashok Gehlot ने भरी हुंकार, मोदी सरकार के लिए कही ये बात

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जयपुर। कृषि बिल को लेकर सरकार औऱ विपक्ष में लगातार आरोप-प्रत्यारोप चल रहे है वहीं किसान यूनियन के साथ-साथ तमाम छोटे-बड़े राजनैतिक दलों नें भी अपना रुख स्पष्ट किया है और सरकार से इस बिल को तुरंत प्रभाव से वापस लेने के लिए दबाव बनाल रहे हैं। इसी सिलसिले में आज राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने एक किसान महापंचायत में सरकार के द्वारा किसानों पर ढ़ाए जा जुल्म का जिक्र करते हुए कहा कि केंद्र सरकार के द्वार बनाए गए तीनों खेती बिल किसानों के हित में नहीं है।

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आपको बता दें की मेवाड़ के हरिद्वार चित्तौड़गढ़ जिले के मातृकुंडिया में आज किसान सम्मेलन आयोजित किया गया, जिसमे मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, प्रदेश प्रभारी अजय माकन , प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा, सचिन पायलट सहित अन्य मंत्री मौजूद रहे।

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सीएम गहलोत आला नेताओं के साथ हेलीकॉप्टर से मातृकुंडिया पहुंचे, जहां सबसे पहले सभी ने मंगलेश्वर महादेव मंदिर के दर्शन कर, मोहन लाल सुखाड़िया और शहिद जगदीश वैष्णव की प्रतिमा पर श्रद्धांजलि अर्पित की। इसके बाद किसान सम्मेलन के सभास्थल पर पहुंचे, जहां हजारों की संख्या में मौजूद ग्रमीणों को संबोधित किया।

केंद्र सरकार को किसान विरोधी तीनों कानूनों को वापस लेना होगा-माकन

सीएम गहलोत के साथ-साथ पूर्व उप-मुख्यमंत्री सचिन पायलट, प्रदेशअध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा व राज्य प्रभारी अजय माकन ने केंद्र सरकार के गलत नितियों को लेकर सरकार पर हमला बोला। उन्होंने कहा की केंद्र सरकार को किसान विरोधी तीनों कानूनों को वापस लेना होगा जबतक कानून वापस नहीं लिए जाते, तब तक राज्य सरकार चैन से नहीं बैठेगी। गहलोत ने कहा कि केंद्र सरकार उद्योगपतियो को पनपाने का काम कर रही।

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उन्होंने मंच के माध्यम से कहा कि किसानों की बात करने आये हैं। चार स्थानों पर होने वाले उपचुनाव होने हैं, जहां कांग्रेस की जीत पर पार्टी मजबूत होगी। उन्होंने कहा कि शानदार बजट पेश किया, जिसमें सभी वर्गों का खास तौर पर किसान और युवाओं ध्यान दिया गया है, साथ ही स्वास्थ्य व्यवस्थाओं को मजबूत करने का काम किया गया है।कांग्रेस प्रदेश प्रभारी अजय माकन ने कहा कि तीन काले कानूनों के विरोध में राहुल गांधी और कांग्रेस के नेता केंद्र सरकार पर दबाव बनाए हुए हैं।

इन कानूनों के कारण मंडियां बंद होने के साथ ही जमींदार प्रथा को पुनः स्थापित कर दिया जाएगा, जिसके चलते आने वाली तस्वीर बहुत ही भयानक हो सकती है। प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने कहा कि केंद्र सरकार ने देश मे मंहगाई बढ़ाने के अलावा कोई काम नहीं किया है। उन्होंने कहा कि वोटों के बनने वाले वजीर अब नोटों के वजीर बनकर रह गए। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार अगले वर्ष किसानों के लिए अलग से बजट पेश करेगी। यह निर्णय किसानहित मे एक सराहनीय कदम है।

तीन कृषि कानून के खिलाफ कांग्रेस देश मे जागरूकता लाने का प्रयास कर रही है-डोटासरा

उन्होंने कहा कि उपचुनाव में केंद्र सरकार को सबक सिखाने का आह्वान किया।किसान सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि केंद्र सरकार के तीन कृषि कानून के खिलाफ कांग्रेस देश मे जागरूकता लाने का प्रयास कर रही है। तीन माह से किसान घर छोड़ कर सड़क पर बैठे हुए हैं, जिनसे प्रधानमंत्री बात करने को तैयार नही है। इस कानून के चलते चंद व्यापारी पूरे देश की अनाज मंडी पर कब्जा कर लेंगे, जिसके दूरगामी परिणाम घातक आने वाले हैं।

 

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